हम आज की नहीं कल की फ़िक्र करते हैं क्योकि हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है हमारी भारतीय सभ्यता आज की नहीं बल्कि उस समय की है जब ये देश ऋषि मुनियो का देश माना जाता था किसी ने इसे भारत कहा तो किसी ने हिंदुस्तान तो किसी ने इंडिया भी । और आज भी इसे ऋषि मुनियो का देश कहा जाता है हम भारतीय देश विदेश में अपनी संस्कृति के नाम से जाने जाते है क्या कभी किसी ने इस बारे में सोचा है
जब हम सुबह सोकर उठते है तो सबसे पहले ईश्वर का नाम लेते है और सभी अच्छे काम के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते है क्या कभी किसी ने इस बारे सोचा है की हम ये सब क्यों करते हैं कभी अगर आपको समय मिले तो किसी विद्वान या ज्ञानी से जरूर पूछियेगा
आपको इसके जवाब में बहुत सी नयी नयी बाते सुनने को मिलेंगी
तब आप भी कहेंगे कि हम आज की नहीं कल की फ़िक्र करते है
ओम प्रकाश
No comments:
Post a Comment